लहसून के फायदे,


भगवान के आशीर्वाद के रूप में प्रकृति द्वारा हमें आयुर्वेद के रूप में अनेक प्रकार की जड़ी बूटियां और फल एवं सब्जियां प्राप्त है जिन से बड़ी से बड़ी बीमारियों का इलाज जड़ से समाप्त किया जा सकता है इन्हीं सब्जियों में से लहसुन का नाम भी पीछे नहीं हटा लहसुन प्रकृति के द्वारा प्राप्त एक खाद्य पदार्थ है जो अनेक प्रकार की बीमारियों से लड़ने में सहायता करती है

लहसून के फायदे


 हाई बीपी से छुटकारा लहसुन खाने से हाई बीपी में आराम मिलता है. दरअसल, लहसुन ब्‍लड सर्कुलेशन को कंट्रोल करने में काफी मददगार है. हाई बीपी की समस्‍या से जूझ रहे लोगों को रोजाना लहसुन खाने की सलाह दी जाती है.

गले की खराश से राहत देता है लहसुन – लहसुन में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण गले में खराश जैसी परेशानी से हमारा बचाव करते हैं। लहसुन में एलीसिन नाम का ऑर्गनॉसुल्फर यौगिक भी होता है, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। हालांकि, यह साबित करना मुश्किल है कि लहसुन गले में खराश की परेशानी को पूरी तरह से ठीक कर सकता है या नहीं। जब भी गले में खराश जैसा महसूस हो, तो सरसों तेल में एक या दो लहसुन की कलियां डालकर उसे गुनगुना होने तक गर्म करें। इसके बाद गुनगुने तेल को हल्का-हल्का गले के आस-पास लगाएं। अगर तकलीफ ज्यादा बढ़ जाए, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

पेट की बीमारियां छूमंतर- पेट से जुड़ी बीमारियों जैसे डायरिया और कब्‍ज की रोकथाम में लहसुन बेहद उपयोगी है. पानी उबालकर उसमें लहसुन की कलियां डाल लें. खाली पेट इस पानी को पीने से डायरिया और कब्‍ज से आराम मिलेगा. यही नहीं लहसुन शरीर के अंदर मौजूद जहरीलें पदार्थों को बाहर निकालने का काम भी करता है.


 डाइजेशन होगा बेहतर - लहसुन में आपके डाइजेस्टिव सिस्‍टम को ठीक करने की ताकत होती है. खाली पेट लहसुन की कलियां चबाने से आपका डाइजेशन अच्‍छा रहता है और भूख भी खुलती है.


 टेंशन से छुट्टी- आपको यह जानकर हैरानी होगी कि लहसुन टेंशन को भगाने में भी मददगार है. कई बार हमारे पेट के अंदर ऐसे एसिड बनते हैं जिससे हमें घबराहट होने लगती है. लहसुन इस एसिड को बनने से रोकता है. लहसुन खाने से सिर दर्द और हाइपर टेंशन में काफी आराम मिलता है.

दांत दर्द में मिलेगा आराम- लहसुन में एंटीबैक्‍टीरियल और दर्द निवारक गुण मौजूद होते हैं. अगर आपके दांत में दर्द है तो लहसुन की एक कली पीसकर दर्द वाली जगह पर लगा दें. कुछ ही देर में आपको दांत दर्द से आराम मिल जाएगा. यही नहीं खाली पेट लहसुन का
सेवन करने से नसों में झनझनाहट से भी आराम मिलता है.

 लीवर को सेहतमंद रखता है लहसुन – जिन लोगों को लीवर में सूजन की शिकायत होती है, उनके लिए एक सीमित मात्रा में लहसुन का सेवन करना उपयोगी साबित हो सकता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि लहसुन में पाए जाने वाले एस-एलील्मर कैप्टोसाइटिस्टीन (एसएएमसी) हेपेटिक चोटों के उपचार में मददगार होते हैं। वहीं, लहसुन का तेल एंटीऑक्सीडेटिव गुणों से भरपूर होता है, जो लीवर की सूजन से बचाव करता है।


सर्दी-खांसी में राहत- लहसुन सांस से संबंध‍ित बीमारियों की रोकथाम में भी सहायक है. सर्दी-जुकाम, खांसी, अस्‍थमा, निमोनिया, ब्रोंकाइटिस और के इलाज में प्राकृतिक दवा की तरह काम करता है.

 सर्दी-ज़ुकाम से बचाता है लहसुन – मौसम में बदलाव की वजह से सर्दी-ज़ुकाम होना बहुत ही आम बात है, लेकिन जरूरी नहीं कि इन बीमारियों के उपचार के लिए हर बार अंग्रेजी दवाओं का ही सेवन किया जाए। दरअसल, लहसुन में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-फंगल और एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों की भरमार होती है। इसमें एलियानेस (या एलियान) नामक एंजाइम मौजूद होता है, जो एलिसिन नामक सल्फर युक्त यौगिक में परिवर्तित होता है। यह यौगिक सफेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाता है, जो सर्दी-जुकाम के वायरस से लड़ने में मदद करता है

कोलेस्ट्रॉल की रोकथाम में मददगार है लहसुन – ज्यादा तेल-घी वाले खान-पान की वजह से लोगों को कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या भी हो रही है। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने अपनी एक जांच में पाया है कि पुराने लहसुन के सेवन से शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल (जो कि हानिकारक कोलेस्ट्रॉल होता है) के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है।

दिल से जुड़ी बीमारियों से लड़ने में मददगार है लहसुन – जैसा कि हम जानते हैं, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों का ह्रदय संबंधी रोगों से सीधा रिश्ता होता है। ऐसे में लहसुन का सेवन ह्रदय संबंधी रोगों की रोकथाम में असरदार साबित हो सकता है।


 कैंसर से बचाता है लहसुन – लहसुन में डायलिसिल्फाइड मौजूद होता है, जो ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को रोकने में मदद करता है। लहसुन में मौजूद सेलेनियम कैंसर से लड़ने वाले गुणों के लिए जाना जाता है। साथ ही सेलेनियम डीएनए उत्परिवर्तन और अनियंत्रित सेल प्रसार और मेटास्टेसिस को भी रोकता है।


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